चंडीगढ़, 17 जुलाई। ग्रामीण क्षेत्र में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार एक नया और बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक को किसी ना किसी औद्योगिक विजन के साथ जोड़ेगी। इसके लिए सरकार “वन ब्लॉक वन प्रोडेक्ट” की योजना पर तेजी से कार्य कर रही है। यह जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दी।

डिप्टी सीएम ने बताया कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के तहत पिछले एक साल में हरियाणा की ‘वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट’ योजना देशभर में एक मॉडल बनी है, जिसे केंद्र सरकार ने भी अपने बजट में अपनाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार इससे आगे बढ़ते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्र में ब्लॉक स्तर तक लेकर जाएगी। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के 137 ब्लॉकों में “वन ब्लॉक वन प्रोडेक्ट” की योजना बना रही है, जिसमें कॉमन सर्विसेज, लैब टेस्टिंग, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, अकाउंटेंसी आदि सुविधाओं की व्यवस्था उस क्लस्टर में ही स्थापित करेगी। उन्होंने बताया कि इससे ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले छोटे उद्यमी अपने आप बड़े उद्योगों से मुकाबला कर पाएंगे।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने करीब दो सप्ताह पहले ही इस योजना के संबंध में बनाई गई अधिकारियों की टीम को टारगेट दिया था। दुष्यंत चौटाला ने खुशी जताते हुए बताया कि टीम ने 137 ब्लॉकों को अलग-अलग करके उनमें उत्पादों के चयन पर कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान हरियाणा प्रदेश का एक ब्लॉक ऐसा भी सामने आया जिसमें 300 से ज्यादा प्रकार की पुरानी संस्कृति से जुड़ी जूतियों का उत्पादन किया जाता है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज आधुनिक उत्पादों के कारण हाथ के कौशल (हस्तशिल्प/हैंडीक्राफ्ट) से तैयार किए गए रचनात्मक उत्पाद जैसे:- छाबड़े, कॉटन-चंदन की मालाएं आदि लुप्त हो रहे है लेकिन इन पुराने उत्पादों को बनाने वाले हस्तशिल्पकार आज भी गांवों में रहते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार “वन ब्लॉक वन प्रोडेक्ट” योजना के तहत ऐसे हस्तशिल्प उद्योगों को पूरा बढ़ावा देगी।

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