नवराज न्यूज़
सहारनपुर: पश्चिम उत्तर प्रदेश के देवबंद में सपा-बसपा और आरएलडी गठबंधन की पहली संयुक्त रैली में बसपा अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस के न्यूनतम आय योजना (न्याय) पर करारा हमला करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के 15-20 लाख देने वाले वादे की तरह ही अतिगरीबों को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का 72 हजार देने का वादा भी एक जुमला है । मायावती ने कहा, मुस्लिम समाज के लोगों से आग्रह है कि कांग्रेस इस लायक नहीं है कि वह भाजपा को टक्कर दे सके। गठबंधन ही भाजपा को टक्कर दे सकता है। इस बात का अहसास कांग्रेस को भी है। कांग्रेस यह मानकर चल रही है कि हम जीतें या ना जीतें गठबंधन नहीं जीतना चाहिए। कांग्रेस ने जगह-जगह ऐसे लोगों को उतारा है, जिससे भाजपा के लोगों को फायदा पहुंचे। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के मुखिया ने देश के अति गरीब लोगों के मतों को लुभाने के लिए हर महीने 6 हजार रुपये देने की जो बात कही है, उससे गरीबी का कोई स्थायी हल निकलने वाला नहीं है. अगर केंद्र में हमें सरकार बनाने का मौका मिलता है तो हर महीने सरकारी व गैर-सरकारी क्षेत्रों में स्थायी रोजगार देने की व्यवस्था करेगी. बसपा, सपा और लोगों को ही वोट दीजिए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, जैसी भाजपा है, वैसी ही कांग्रेस है। इनकी नीतियां एक जैसी हैं। आप ध्यान रखें कि वोट घटने ना पाए और बंटने ना पाए। कांग्रेस अपनी पार्टी की पैठ बनाना चाहती है। हमारी आपसे अपील है कि आप इस बात का ध्यान रखें।
मायावती ने कहा, अगर वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी नहीं हुई तो गठबंधन की सरकार बनेगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि गठबंधन की रैली में आई भीड़ देखकर पीएम मोदी को ताकत का अंदाजा हो गया होगा। इससे वह और पागल हो जाएंगे। शुरू से ही इनकी योजनाएं गरीब विरोधी रही हैं। जनता इस बार इनको सत्ता से जरूर बाहर करेगी। इस बार चुनाव में कोई भी नाटकबाजी और जुमलेबाजी काम में आने वाली नहीं है। चौकीदारी की नाटकबाजी भी इनको नहीं बचा पाएगी। लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ही मोदी ने देश में पिछले लोकसभा चुनाव की तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में ये कितने भी ताकत क्यों न लगा लें लेकिन उनको सफलता नहीं मिलने वाली है। देश में गरीबों, मजदूरों और कर्मचारियों, आदिवासियों और अल्पसंख्यक समाज के लोगों को अच्छे दिन दिखाने के वादे किए थे लेकिन उनका अभी तक उनका वादा पूरा नहीं हुआ है।
अखिलेश ने कहा, अगर मोदीजी से पूछो कि अब चौकीदार बनकर आए हैं और हमारे गठबंधन को मिलावटी कह रहे हैं। उनकी भाषा बदल गई है। ना हिंदी में समझ में आया और ना उर्दू में कुछ समझ में आया। सराब बोलने वाले लोग सत्ता के नशे में हैं। तमाम सपने भूल गए। यह गठबंधन मिलावट का नहीं, यह महापरिवर्तन का गठबंधन है।पिछले चुनाव में जो वादे किए गए, वे कहां है तो उन वादों पर वह बात नहीं करना चाहते हैं। पहले वो चायवाला बनकर आ गए। जाने कितने लोगों ने भरोसा किया, अच्छे दिन का भरोसा किया, 15 लाख का भरोसा कर लिया और करोड़ों नौकरियों का कर लिया।
रालोद नेता अजीत सिंह ने कहा, मोदी ने वादा किया था, हर एक आदमी की जेब में 15 लाख पहुंचाएंगे। देश का प्रधानमंत्री झूठ बोलता है? नहीं ये झूठ नहीं बोलता। बल्कि कभी सच नहीं बोलता। हम बच्चे को सिखाते हैं कि सच बोला कर। मोदी के मां-बाप ने उन्हें सच बोलने की सलाह नहीं दी।
उत्तरप्रदेश में बागपत, बिजनौर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, कैराना, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में पहले चरण के तहत 11 अप्रैल को मतदान होगा। बागपत से रालोद के जयंत चौधरी, कैराना से सपा की तबस्सुम हसन, मुजफ्फरनगर से रालोद प्रमुख अजित सिंह, सहारनपुर से बसपा के हाजी फजलुर्रहमान, बिजनौर से बसपा के मलूक नागर, मेरठ से बसपा के हाजी मोहम्मद याकूब, गाजियाबाद से सपा के सुरेश बंसल, गौतम बुद्ध नगर से बसपा के सतबीर नागर के प्रत्याशी हैं।

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