राजकुमार
मुंबई/नई दिल्ली ,17 सितंबर । सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली जिससे बाजार में चारों ओर हाहाकार रहा। वहीं दुसरी ओर घरेलू मुद्रा की रेकॉर्ड गिरावट को रोकने के सरकारी प्रयासों से भी रुपये को राहत मिलती नहीं दिख रही है। उधर सरकार की ओर से एथेनॉल की खरीद कीमत में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दिये जाने के बाद दिल्ली में थोक चीनी बाजार में स्टॉकिस्टों व थोक उपभोक्ताओं आक्रामक उठाव शुरू होने से सोमवार को चीनी का भाव 320 रुपये प्रति क्विन्टल तक तेज हो गया।
जानकारी अनुसार सोमवार को सोमवार को सूचना और प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों को छोडक़र सभी सेक्टर्स में शुरुआत में मंदी दिखी। इसके साथ ही बैंक निफ्टी के भी टूटने की खबर है।
सेंसेक्स 505.13 अंक (1.33 प्रतिशत) टूटकर 37,585.51 जबकि निफ्टी 137.45 पॉइंट्स (1.19 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ 11,377.75 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पर सबसे ज्यादा टूटनेवाले शेयरों में अशोका बिल्डकॉन (6.08 प्रतिशत), क्वालिटी (4.88 प्रतिशत), रेडिंग्टन (4.56 प्रतिशत), आईसीआईसीआई प्रूडेंशल (4.37 प्रतिशत) और बाटा इंडिया (4.33 प्रतिशत) जबकि निफ्टी पर बजाज फाइनैंस के शेयर 2.85 प्रतिशत, इन्फ्राटेल के 2.80 प्रतिशत, टाइटन के 2.80 प्रतिशत, सन फार्मा के 2.54 प्रतिशत और बजाज फाइनैंस सर्विसेज के 2.53 प्रतिशत तक कमजोर हो गए।
इससे पहले हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 31 शेयरों का सूचकांक सेंसेक्स करीब 300 पॉइंट नीचे आकर 38,000 के नीचे आ गया। यह सुबह 37,872 पर खुला। वहीं नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों के सूचकांक निफ्टी में भी करीब 100 अंकों की गिरावट देखी गई। फिलहाल निफ्टी 11425 पर है।
ऐक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एशियन पेंट्स, टाटा मोटर्स, एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक जैसी बड़ी कंपनियों में गिरावट ने सेंसेक्स को कमजोर किया। सेंसेक्स के ऊपर टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, बैंकिंग, तेल एवं गैस तथा सार्वजनिक कंपनी समूहों में मुनाफावसूली ने भी दबाव डाला। घरेलू संस्थागत निवेशकों की सतत खरीद के दम पर सेंसेक्स पिछले दो कारोबारी दिवसों में 677.51 अंक मजबूत हुआ था।
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रुपया फिर से 72 रुपये प्रति डॉलर के नीचे
अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 81 पैसे गिरकर एक बार फिर से 72 रुपये के स्तर से नीचे चला गया और 72.65 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। अमेरिका द्वारा चीन के आयात पर नए सिरे से शुल्क लगाने की संभावित घोषणा की खबरों ने रुपये को कमजोर किया है।
कारोबारियों ने बताया कि निवेशक चीन के अतिरिक्त 200 अरब डॉलर के आयात पर अमेरिकी शुल्क लगने संबंधित घोषणा की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरत रहे हैं। विदेशी बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती ने भी रुपये पर दबाव डाला। शुक्रवार को रुपया 34 पैसे मजबूत होकर एक सप्ताह के उच्चतम स्तर 71.84 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
माना जा रहा है कि रुपये में गिरावट को रोकने के लिए देश के करंट अकाउंट डेफिसिट पर लगाम लगाने की कोशिशों के तहत कुछ आइटम पर मिनिमम इंपोर्ट प्राइस या सेफगार्ड ड्यूटी लगाई जा सकती है। सरकार गैरजरूरी चीजों का आयात भी घटाना चाहती है। ड्यूटी बढ़ाकर इंपोर्ट को कम करने के बजाय ये उपाय ज्यादा असरदार माने जा रहे हैं।

चीनी भी होने लगी कडवी , कीमतों में 300 रुपये तक की तेजी
तेल में आग लगी हुई है , महंगाई आसमान को फाडकर बाहर जाने को तैयार है और इसके साथ ही चीनी भी अब कडवी होने लगी है। सरकार की ओर से एथेनॉल की खरीद कीमत में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दिये जाने के बाद दिल्ली में थोक चीनी बाजार में स्टॉकिस्टों व थोक उपभोक्ताओं आक्रामक उठाव शुरू होने से सोमवार को चीनी का भाव 320 रुपये प्रति क्विन्टल तक तेज हो गया। चीनी कीमतों में आगे और वृद्धि होने की उम्मीद में चीनी मिलों ने आपूर्ति धीमी कर दी है। इसके कारण भी मजबूती की धारणा को और बल मिला है।
सूत्रों ने कहा कि शीतलपेय एवं आइसक्रीम बनाने वाली कंपनियों जैसे थोक उपभोक्ताओं की ताबड़तोड़ लिवाली किए जाने से चीनी के भावों में बड़ा सुधार हुआ। बाजार में आपूर्ति हल्की होने से भी तेजी को बल मिला। देश में चीनी के अधिशेष उत्पादन को खपाने तथा देश की आयात पर निर्भरता को खत्म करने के लिए सरकार ने पेट्रोल मिश्रण के लिए गन्ने के रस से सीधे उत्पादित एथेनॉल का खरीद मूल्य 25 प्रतिशत बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की । चीनी मिल डिलीवरी एम-30 और एस-30 के भाव 270 – 270 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 3,310 – 3,600 रुपये और 3,300 – 3,590 रुपये प्रति क्विन्टल हो गए। इसी प्रकार चीनी तैयार एम-30 और एस-30 की कीमतें 200 – 200 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 3,600 – 3,800 रुपये और 3,590 – 3,790 रुपये प्रति क्विन्टल हो गई। चीनी मिलगेट खंड में चीनी धनोरा और सिम्भावली की कीमतें सर्वाधिक 320 – 320 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 3,580 रुपये और 3,570 रुपये प्रति क्विन्टल हो गई। चीनी खतौली की कीमत 290 रुपये की तेजी के साथ 3,590 रुपये हो गई जबकि चीनी किन्नौनी 270 रुपये की तेजी के साथ 3,600 रुपये पर बंद हुई जबकि चीनी अस्मोली 260 रुपये की तेजी के साथ 3,560 रुपये पर बंद हुई। चीनी मवाना की कीमत 235 रुपये की तेजी के साथ 3,420 रुपये प्रति क्विन्टल, चीनी दोराला और सकोटी की कीमतें 230 – 230 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 3,410 रुपये और 3,280 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। चीनी बुढ़ाना और थानाभवन की कीमतें 225 – 225 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 3,400 रुपये और 3,390 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई। खुदरा बाजार में चीनी की कीमत में तीन रुपया प्रति क्विन्टल तक की तेजी आई और यह 37 से 44 रुपये प्रति किलो के दायरे में थी। बाजार में आज भाव इस प्रकार रहे (भाव रुपये प्रति क्विन्टल में) चीनी खुदरा बाजार: 37 – 43 रुपये प्रति किलोग्राम। चीनी हाजिर: एम- 30– 3,600- 3,800, एस- 30– 3,590- 3,790 रुपये। चीनी मिल डिलीवरी: एम.30 – 3,310 – 3,600 रुपये, एस-30 – 3,300 – 3,590 रुपये। चीनी मिलगेट (शुल्क सहित): मवाना 3,420 रुपये, किन्नौनी 3,600 रुपये, अस्मोली 3,560 रुपये, दोराला 3,410 रुपये, बुढ़ाना 3,400 रुपये, थानाभवन 3,390 रुपये, धनोरा 3,580 रुपये, सिम्भावली 3,570 रुपये, खतौली 3,590 रुपये, धामपुर 3,320 रुपये, सकोटी 3,280 रुपये, मोदीनगर 3,320 रुपये, शामली 3,310 रुपये, मलकपुर 3,320 रुपये बनी हुई हे।

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