योगर्ट हाल ही में एक डाइट फूड के रूप लोकप्रिय हुआ है। कई लोगों को नहीं पता कि योगर्ट और दही में फर्क होता है। अगर आपको भी लगता है कि दही और योगर्ट एक ही हैं तो आप अकेले नहीं है। लोगों को लगता है कि भारत में जिसे दही कहते हैं विदेशों में वही योगर्ट है। हालांकि दोनों में जरा सा ही फर्क है। दोनों में जो मुख्य अंतर है वो इनके बनाने की विधि और उस फायदेमंद बैक्टीरीयल स्ट्रेन में है जिससे दूध का फर्मेंटेशन करवाया जाता है।
वेट-ऑब्सेस्ड मार्केट में योगर्ट की काफी मांग है। इसके अलावा इसके कई फायदे हैं जिनकी वजह से आप अपने रोजाना के आहार में दही की जगह इसको ले सकती हैं। इसके अलावा, इसके कई फायदे हैं और इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि आप निःसंदेह अपने दैनिक आहार में देसी दही के स्थान पर योगर्ट ले सकते हैं।
बाजार में कई तरह के योगर्ट उपलब्ध हैं, जिनमें सबसे कॉमन ग्रीक योगर्ट है। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और डाइटीशियन भी इसे लेने की सलाह देते हैं। ये योगर्ट वर्कआउट के बाद शरीर को दोगुनी मात्रा में प्रोटीन देता है वो भी लगभग बराबर दाम में। उदाहरण के तौर पर मीडियम साइज बाउल दही में 3-4 ग्राम प्रोटीन होता है जबकि उतनी ही मात्रा ग्रीक योगर्ट खाने से 8 से 10 ग्राम प्रोटीन मिल जाता है।
आप नहीं जानते होंगे लेकिन योगर्ट खाने से वर्कआउट के बाद थकावट कम होती है । फोर्टिस अस्पताल की चीफ क्लीनकिल न्यूट्रीशनिस्ट डॉ. सीमा सिंह कहती हैं, ‘अगर रोजाना योगर्ट खाया जाए तो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है। जो लोग रोजाना वर्कआउट करते हैं, योगर्ट उनकी मांसपेशियों के खिंचाव में आराम पहुंचाता है साथ ही वर्कआउट के बाद की रिकवरी तेजी से होती है।
डॉ. मानसी चतार्थ के मुताबिक, ‘जो लोग लैक्टोस इनटॉलरेंट (दूध और उससे बने पदार्थ नहीं पचा पाते) हैं उनके लिए योगर्ट अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे पचाना आसान होता है। हालांकि अधिकांश विशेषज्ञ यह राय देते हैं कि योगर्ट को घर पर ही बनाया जा सकता है, वहीं मैक्स हेल्थकेयर की चीफ डायटीशियन डॉ. रितिका सामद्दार की राय अलग है। उनका कहना है कि योगर्ट एक औद्योगिक उत्पाद है और इसे घर पर नहीं बनाया जा सकता है।
घर पर योगर्ट बनाने की ये विधि बता रहे हैं दिल्ली के शेफ सेसिल राज:
1. दूध (आवश्यकतानुसार) में उबाल आने तक गर्म करें और इसे कांच के बर्तन में डालें।
2. इसे गुनगुना (100-105 फॉरेनहाइट) करें। धीरे-धीरे दूध पर एक पर्त बन जाएगी।
3. अब गुनगुने दूध में दो चम्मच घर पर बना या बाहर से खरीदा गया योगर्ट डालें। योगर्ट को दूध में इस तरह से मिलाएं कि ऊपरी परत ज्यों की त्यों रहें।
4. गर्म पानी में कांच के बर्तन कम से कम 8 घंटे/ रात भर रखें। आठ से बारह घंटे सर्वश्रेष्ठ समय होता है। मिश्रण को जितनी ज्यादा देर रखा जाएगा यह उतना खट्टा होगा।
5. बचे हुए लिक्विड को सावधानी से निकाल लें।
6. खाने से पहले 4 घंटे रेफ्रिजरेटर में रखें। रेफ्रिजरेटर में स्टोर करें और 4-5 दिनों के भीतर उपयोग करें।

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